सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों की धार्मिक संसार में सत्ता बनी हुई है और ज्यादातर लोग उनका पालन और अनुसरण करते हैं—यह एक सच्चाई है। तुम कहते हो कि धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं कि परमेश्वर ने देहधारण किया है, कि वे देहधारी परमेश्वर द्वारा प्रकट सत्य पर विश्वास नहीं करते और वे फरीसियों के मार्ग पर चल रहे हैं, और हम इस बात से सहमत हैं। लेकिन तुम यह क्यों कहते हो कि सारे धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग पाखंडी फरीसी हैं, कि वे सभी मसीह-विरोधी हैं जो अंतिम दिनों में देहधारी परमेश्वर के कार्य से उघाड़ दिए गए हैं, और वे अंत में विनाश में डूब जाएँगे? हम इस समय इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते। तुम अपना यह दावा कि इन लोगों को नहीं बचाया जा सकता है और उन सभी को विनाश में डूबना चाहिए, किस बात पर आधारित करते हो, इस पर कृपया सहभागिता करो।
आप लोगों ने ये गवाही दी है कि जब प्रभु अंत के दिनों में लौटेंगे तब, पहले वो देहधारण करके गुप्त रूप में आएंगे, और विजेताओं का समूह बनाने के बाद, प्रत्यक्ष रूप से लोगों के सामने प्रकट होने के लिए बादलों के साथ अवतरित होंगे। ऐसा संवाद कुछ मतलब रखता है। परंतु 2000 सालों से, प्रभु में आस्था रखने वाले ज्यादातर लोग उनका इंतजार कर रहे हैं कि वे बादलों के साथ अवतरित होंगे। धार्मिक पादरी और एल्डर्स अक्सर ऐसा कहते हैं। हम बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार इंतजार करके गलत कैसे हो सकते हैं? धार्मिक पादरी और एल्डर्स ऐसे लोग हैं जो प्रभु की सेवा करते हैं। वे इस प्रकार से प्रभु की वापसी की राह देख रहे हैं। मैं यह नहीं मानता वापस लौटे प्रभु इन सभी धार्मिक पादरियों और एल्डर्स को छोड़ देंगे। यह निश्चित रूप से असंभव है!
कि पादरी और एल्डर्स सभी प्रभु द्वारा चुने और नियुक्त किए गए हैं, और यह कि ये सब वे लोग हैं जो प्रभु की सेवा करते हैं। पादरियों और एल्डर्स का आज्ञापालन करना प्रभु का आज्ञापालन करना है। यदि हम पादरियों और एल्डर्स का विरोध करते हैं और उनकी निंदा करते हैं, तो हम प्रभु का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा, केवल पादरी और एल्डर्स बाइबल को समझते हैं और बाइबल की व्याख्या कर सकते हैं। केवल वे हमारा मार्गदर्शन कर सकते हैं जब तक पादरियों और एल्डर्स का कथन बाइबल के अनुरूप है और उसका बाइबल में आधार है, तब तक हमें अनुपालन और आज्ञापालन करना चाहिए। जब तक पादरी और एल्डर्स जो करते हैं वह बाइबल के अनुरूप है, तब तक हमें स्वीकार और अनुकरण करना चाहिए। यह कैसे गलत हो सकता है?
ये जानकर कि हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार कर लिया है, पादरी और एल्डर हमें लगातार परेशान कर रहे हैं, हमें लगातार बाइबल समझा रहे हैं। हालांकि हम उनका खंडन करते हैं, उनको ठुकराते हैं, फिर भी वे नहीं छोड़ते। ये नागरिकों का गंभीर उत्पीड़न है। पहले जब कभी हम कमजोर या नकारी होते थे, वे इतनी चिंता नहीं दिखाते थे। अब जैसे ही हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार किया है, वे बहुत ज़्यादा नाराज हो गये हैं, मीठी और कड़वी बातें बोल-बोल कर हमें लगातार गुस्सा दिला हैं। लगता है उनकी ये दुष्टता तब तक ख़त्म नहीं होगी, जब तक वे हमें अपने साथ नरक में नहीं घसीट लेते! मुझे समझ नहीं आता। पादरी और एल्डर, जो प्रभु की सेवा करते हैं, और जो अक्सर बाइबल के बारे में बात करते हैं, उनको यह आभास होना चाहिए कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त सभी वचन सत्य हैं। वे सत्य की खोज क्यों नहीं करते? वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अंधाधुंध निंदा, विरोध और तिरस्कार करने के बजाय, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की जांच-पड़ताल क्यों नहीं करते? पादरी और एल्डर सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करने के हमारे रास्ते में रोड़े अटकाने की भरसक कोशिश करते हैं। हमें इस मामले के पीछे की हकीकत जानने में बड़ी मुश्किल हो रही है। कृपया हमारे साथ इस बारे में संगति कीजिए।
सीसीपी एक नास्तिक पार्टी है, एक राक्षसी समूह, जो परमेश्वर और सत्य के सबसे अधिक विरुद्ध है। राक्षस शैतान का मनुष्य रूप है। शैतान और दुष्ट आत्माओं का पुनर्जन्म है राक्षस, जोकि परमेश्वर का कट्टर दुश्मन है। इसलिए जब अंत के दिनों में परमेश्वर चीन में देहधारी होकर कार्य करते हैं, तो सीसीपी सरकार द्वारा वे जिस पागल दमन और उत्पीड़न को झेलते हैं, वह अवश्यंभावी है। परंतु धार्मिक समुदाय के अधिकतर पादरी और एल्डर्स परमेश्वर के सेवक हैं, जो बाइबल से परिचित हैं| न सिर्फ वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को खोज कर उसका अध्ययन नहीं करते, इसकी बजाय वे उस पर अपनी राय थोप कर, उसकी निंदा कर, प्रचंडता से विरोध करते हैं। यह अविश्वसनीय है! इसमें कोई अचरज नहीं कि सीसीपी सरकार परमेश्वर के कार्य की निंदा करती है। धार्मिक पादरी और एल्डर्स भी परमेश्वर के कार्य का विरोध और निंदा क्यों करते हैं?