सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

तुम यह प्रमाणित करते हो कि परमेश्वर ने देहधारण किया है और अंतिम दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए मनुष्य का पुत्र बन चुका है, और फिर भी अधिकांश धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग इस बात की पुष्टि करते हैं कि परमेश्वर बादलों के साथ लौटेगा, और वे इसका आधार मुख्यतः बाइबल की इन पंक्तियों पर रखते हैं: "यही यीशु ... जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा" (प्रेरितों 1:11)। "देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी" (प्रकाशितवाक्य 1:7)। और इसके अलावा, धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों ने हमें यह भी निर्देश दिया है कि कोई भी प्रभु यीशु जो बादलों के साथ नहीं आता है, वह झूठा है और उसे छोड़ दिया जाना चाहिए। इसलिए हम निश्चित नहीं हो पा रहे हैं कि यह नज़रिया बाइबल के अनुरूप है या नहीं; इसे सच मान लेना उचित है या नहीं?
आपकी गवाही है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु की वापसी हैं, यह असंभव है! बाइबल कहती है: "उन दिनों के क्लेश के तुरन्त बाद सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चन्द्रमा का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्‍तियाँ हिलाई जाएँगी। तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्‍वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:29-30)। अगर प्रभु वाकई लौट आते तो वो पूरी शानोशौकत के साथ बादलों पर सवार होकर आते। और फिर, स्वर्ग और धरती काँप जाते, चाँद और सूरज रोशनी देना बंद कर देते। अब तक ऐसा तो कुछ दिखा नहीं, फिर वे ऐसा कैसे कह सकते हैं कि प्रभु लौट आए हैं। आख़िर ये सब है क्या?
हमने बहुत पहले यह सुना था कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया ने पहले ही प्रभु यीशु की वापसी की गवाही दी है। और वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं! वे सच्चाई व्यक्त करते हैं और अंत के दिनों के अपने न्याय के कार्य करते हैं, लेकिन धार्मिक मंडलियों के अधिकांश लोग यह मानते हैं कि प्रभु बादलों से अवतरित होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभु यीशु ने स्पष्ट रूप से कहा था: "तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा: और तब पृथ्‍वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे, और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्‍वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:30)। प्रकाशितवाक्‍य की पुस्तक ने भी भविष्यवाणी की थी: "देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है; और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे" (प्रकाशितवाक्य 1:7)। मैं स्वयं भी यह विश्वास रखती हूं कि प्रभु बादलों से अवतरित होकर हमें सीधे स्वर्ग के राज्य में ले जाएंगे। हम उस प्रभु यीशु को स्वीकार करने से इनकार करते हैं जो बादलों से अवतरित नहीं होंगे। आप कहते हैं कि प्रभु का पुनरागमन देह में वापसी और गुप्त रूप से अवतरण है। लेकिन इस बारे में कोई नहीं जानता है। फिर भी, प्रभु का खुले तौर पर बादलों से अवतरित होना निश्चित है! यही कारण है कि हम प्रभु के बादलों से अवतरित होने और हमें सीधे स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए खुले तौर पर प्रकट होने का इंतजार कर रहे हैं। क्या हमारी समझ सही है या नहीं?
जैसा कि बाइबल में भविष्यवाणी की गयी थी: "हे गलीली पुरुषो, तुम क्यों खड़े आकाश की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा" (प्रेरितों 1:11)। प्रभु यीशु के जी उठने के बाद, आकाश में जो आरोहित हुआ, वह उनका आध्यात्मिक शरीर था। जब प्रभु लौटेंगे, तो वह उनका आध्यात्मिक शरीर होना चाहिए, जो एक बादल पर नीचे आयेगा। परंतु आप लोग यह गवाही देते हैं कि अंत के दिनों में न्याय कार्य करने के लिए परमेश्वर पुन: देहधारी – मनुष्य के पुत्र – हो गए हैं। स्वाभाविक रूप से यह बाइबल से असंगत है। पादरी और एल्डर्स अक्सर कहते हैं कि प्रभु के देहधारी हो कर आने के बारे में कोई भी गवाही झूठी है। इसलिए मैं समझता हूँ कि प्रभु के लिए देहधारी हो कर लौटना असंभव है। मैं आप लोगों की गवाही स्वीकार नहीं कर सकता। मैं बस प्रभु के बादल पर उतरने और हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने की प्रतीक्षा करूंगा। निश्चित रूप से यह गलत नहीं हो सकता!
आप लोग इस तथ्य के गवाह हैं कि प्रभु यीशु लौट आये हैं और उन्होंने अपना कार्य करने के लिए देहधारण किया है। यह बात मैं समझ नहीं पाया। हम सब जानते हैं कि प्रभु यीशु परमेश्वर का देहधारण थे। अपना कार्य पूरा करने के बाद, उन्हें सूली पर लटका दिया गया और तब वे फिर से जीवित हो उठे और अपने सभी शिष्यों के समक्ष प्रकट हुए और वे अपने तेजस्वी आध्यात्मिक शरीर के साथ स्वर्ग में पहुँच गए। जैसा कि बाइबल में कहा गया है: "हे गलीली पुरुषो, तुम क्यों खड़े आकाश की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा" (प्रेरितों 1:11)। इस प्रकार, बाइबल-संबंधी शास्‍त्र इस बात की पुष्टि करते हैं कि जब प्रभु फिर से आएंगे, तो उनका पुनर्जीवित आध्यात्मिक शरीर हमारे सामने दिखाई देगा। अंत के दिनों में, परमेश्वर ने न्याय का कार्य करने के लिए मनुष्य के पुत्र के रूप में देहधारण क्यों किया है? प्रभु यीशु के पुनर्जीवित आध्यात्मिक शरीर और मनुष्य के पुत्र के रूप में उनके देहधारण के बीच क्या अंतर है?
तब आपने कहा था कि बाइबल में सबसे ज़्यादा भविष्यवाणी जिस बात की की गई है वह अंत के दिनों में परमेश्‍वर के न्याय कार्य है। बाइबल में कम-से-कम 200 स्थानों पर यह कहा गया है कि परमेश्‍वर न्याय करने आएंगे। यह पूरी तरह सच है। यह 1 पतरस 4:17 में और भी साफ तरीके से कहा गया था: "क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्‍वर के लोगों का न्याय किया जाए;" ऐसा लगता है कि अंत के दिनों में परमेश्‍वर के न्याय कार्य एक निश्चितता है। लेकिन आपने जो देखा वह अंत के दिनों के परमेश्‍वर हैं जो अपना न्याय कार्य करने के लिए देहधारी हुए हैं। यह उससे अलग है जिसे हम स्वीकार करते हैं। हम मानते हैं कि अंत के दिनों में प्रभु यीशु पुनरूत्‍थान के बाद के अपने अध्यात्मिक शरीर के रूप में मानवजाति के समक्ष प्रकट होंगे और कार्य करेंगे। धार्मिक मंडलियों में अधिकांश लोगों का भी यही विचार है। लौटकर आए प्रभु के इंसानों के सामने प्रकट होने की अवधारणा और देह रूप में कार्य करने वाली बात हमें पूरी होती हुई नज़र नहीं आ रही है, इसलिए हमें इसके बारे में और बताइये।