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आप सब गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आये हैं, और उन्होंने प्रकट होकर चीन में कार्य किया है, मुझे विश्वास है कि यह सच है, क्योंकि प्रभु यीशु ने बाइबल में यह भविष्यवाणी की थी: "क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्‍चिम तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य के पुत्र का भी आना होगा" (मत्ती 24:27)। लेकिन हमें लगता है कि प्रभु हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए अंत के दिनों में वापस आयेंगे, या कम-से-कम वे हमें बादलों पर ही उठा लें ताकि हम हवा में उनसे मिल तो सकें। जैसा कि बाइबल में पौलुस ने कहा था, "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उनके साथ बादलों पर उठा लिए जायेंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें: और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। लेकिन जैसा बाइबल में बताया गया है, प्रभु वैसे क्यों नहीं आये? अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के न्याय के कार्य का हमारे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश से क्या लेना-देना है?
प्रभु यीशु ने एक बार कहा था: "क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुए और हमारे लिये एक स्थान तैयार करने स्वर्ग लौटे, इसका अर्थ ये हुआ कि वो स्थान स्वर्ग में है। अगर प्रभु लौट आए हैं, तो उनका आना, हमें स्वर्ग में आरोहित करने के लिये होना चाहिये, पहले हमें प्रभु से मिलवाने, आसमान में ऊपर उठाने के लिये होना चाहिये। अब तुम लोग इस बात की गवाही दे रहे हो कि प्रभु यीशु लौट आये हैं, वे देहधारी हुए हैं, और धरती पर वचन बोलने और कार्य करने में लगे हैं। तो वो हमें स्वर्ग के राज्य में कैसे लेकर जाएंगे? स्वर्ग का राज्य धरती पर है या स्वर्ग में?