सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

अध्याय 79

अध्याय 79

अंधे! अज्ञानी! कूड़े के एक व्‍यर्थ ढेर! तुम मेरी सामान्‍य मनुष्‍यता को मेरी पूर्ण दिव्‍यता से विभक्‍त करते हो! क्‍या तुम लोग नहीं सोचते कि यह मेरे विरूद्ध पाप है? इसके अतिरिक्‍त, यह ऐसा भी है जिसे क्षमा करना कठिन है! व्यवाहारिक परमेश्‍वर तुम लोगों के मध्‍य आज आता है परंतु तुम लोग मेरे उसी पहलू को जानते हो जो मेरी सामान्‍य मानवता है, और मेरा वह पक्ष तो बिल्‍कुल नहीं देखा है जो पूर्ण रूप से दिव्‍य है। क्‍या तुम यह सोचते हो कि मैं यह जानता नहीं कि कौन मेरी पीठ पीछे मुझे धोखा देने का प्रयास करता है? मैं अभी तुम्‍हारी आलोचना नहीं कर रहा, मात्र यह देख रहा हूं कि तुम किस स्‍तर तक जा सकते हो और तुम्‍हारा अंतिम हश्र क्‍या होगा। मेरे वचन हज़ारों की संख्‍या में कहे गए हैं और तुम लोगों ने कई बुरी बातें की हैं। तुम मुझे बार-बार छलने का प्रयास क्‍यों करते हो? सावधान रहो कि कहीं अपना जीवन खो न दो! यदि तुम मेरे क्रोध को एक नियत स्‍तर तक भड़काते हो तो मैं कोई दया नहीं दिखाऊंगा और तुम्‍हें निकाल बाहर करूंगा। मैं यह नहीं देखूंगा कि तुम पूर्व में कैसे थे, कि तुम निष्‍ठावान या उत्‍साही थे, कि तुम कितना दौड़े-भागे, तुमने मेरे लिए कितना व्‍यय किया—मैं इन सब बातों को बिल्‍कुल न देखूंगा। अब मुझे भड़काने भर से मैं तुम्‍हें अथाह कुण्‍ड में फेंक दूंगा। मुझसे छल करने का साहस अब किसमें है? इसे स्‍मरण रखो! अब से मैं जब भी क्रोधित होऊंगा, इस पर ध्‍यान दिए बिना कि यह किसी के भी साथ हो, मैं तुरंत तुम्‍हारा शोधन कर दूंगा ताकि भविष्‍य में कोई मुसीबत न हो और मुझे तुम्‍हें पुन: न देखना पड़े। यदि तुम मेरी अवहेलना करते हो तो मैं तुरंत तुम्‍हारी ताड़ना करूंगा—क्‍या तुम लोग इसे स्‍मरण में रखोगे? जो होशियार हैं वे तुरंत पश्‍चाताप करेंगे।

आज, अर्थात् अभी, मैं कुपित हूं। तुम सभी लोगों को मेरे प्रति निष्‍ठावान होना होगा, और अपना पूरा अस्तित्‍व मुझे सौंपना होगा। अब और विलम्‍ब नहीं हो सकता। यदि तुम मेरे वचनों पर ध्‍यान नहीं देते हो तो मैं अपना हाथ आगे बढ़ा कर तुम्‍हें मार दूंगा। मेरे ऐसा करने से सभी मुझे जान जाएंगे, और आज मैं सभी के प्रति कुपित और प्रतापी हूं (यह मेरे न्‍याय से भी अधिक कड़ा है)। मैंने इतने सारे वचन कहे हैं लेकिन तुम लोगों ने बिल्‍कुल भी प्रतिक्रिया न की; क्‍या तुम वास्‍तव में इतने मंदबुद्धि हो? मैं नहीं सोचता कि तुम ऐसे हो–क्‍या तुम ऐसे हो? तुम लोगों के भीतर का वह पुराना शैतान है जो शरारत कर रहा है—क्‍या तुम इसे स्‍पष्‍ट रूप से देखते हो? एक मूलभूत परिवर्तन लाने की शीघ्रता करो! आज, पवित्र आत्‍मा का कार्य इस स्‍तर तक प्रगति कर चुका है—क्‍या तुम लोगों ने इसे नहीं देखा? मेरा नाम सभी राष्‍ट्रों के घर-घर में और सभी दिशाओं में फैलेगा और संपूर्ण जगत में वयस्‍कों और बच्‍चों के मुख से समान रूप से पुकारा जाएगा; यह एक परम सत्‍य है। मैं अद्वितीय परमेश्‍वर स्‍वयं हूं, इसके अतिरिक्‍त मैं परमेश्‍वर का एकमात्र प्रतिनिधि हूं, और मैं, इस देह की समग्रता के साथ परमेश्‍वर का और अधिक पूर्ण प्रत्‍यक्षीकरण हूं। जो भी मेरा सम्‍मान न करने का साहस करता है, जो भी अपनी आंखों में अनादर प्रदर्शित करता है, जो भी मेरे विरूद्ध अवज्ञा के शब्‍द कहने की धृष्‍टता करता है वह निश्चित रूप से मेरे श्रापों और कोप से मारा जाएगा (मेरे कोप के कारण श्राप दिए जाएंगे)। और जो कोई भी मेरे प्रति निष्‍ठावान अथवा संतानोचित नहीं होता है, जो भी मुझसे चालबाज़ी करने का प्रयास करता है वह अवश्‍य मेरी घृणा में मारा जाएगा। मेरी धार्मिकता, प्रताप और न्‍याय सदा-सदा के लिए बने रहेंगे। पहले मैं प्रेममय और दयालु था, परंतु यह मेरी दिव्‍यता का पूर्ण स्‍वभाव नहीं है; धार्मिकता, प्रताप और न्‍याय महज़ मेरे स्‍वभाव हैं—स्‍वयं पूर्ण परमेश्‍वर। अनुग्रह के युग में मैं प्रेममय और दयालु था। जो कार्य मुझे समाप्‍त करना था उस कारण मुझमें प्रेममय-कृपालुता और दयालुता थी, परंतु उसके पश्‍चात प्रेममय-कृपालुता या दयालुता की कोई आवश्‍यकता न रही (उसके पश्‍चात से कभी भी न रही)। यह अब पूरे तौर पर धार्मिकता, प्रताप और न्‍याय है और यह मेरी सामान्‍य मानवता के साथ जुड़ी मेरी पूर्ण दिव्‍यता का संपूर्ण स्वभाव है।

जो मुझे नहीं जानते वे अथाह कुण्ड में विनष्‍ट होंगे और जो मेरे विषय में निश्चित हैं वे चिरकाल के लिए, मेरी प्रेम की देखभाल और सुरक्षा के अन्‍तर्गत जीवित रहेंगे। मेरे एक शब्‍द कहने मात्र से पूरी कायनात एक छोर से दूसरे छोर तक कांपने लगती है—ऐसा कौन है जो मेरे वचन सुनकर भय से नहीं कांपेगा? कौन है ऐसा जो ऐसा हृदय नहीं विकसित करेगा जो मेरा सम्‍मान करता हो? ऐसा कौन है जो मेरे कर्मों से मेरी धार्मिकता और प्रताप को नहीं जान सकता? और कौन है ऐसा जो मेरे कर्मों में मेरी सर्वशक्तिमत्‍ता और प्रज्ञा नहीं देख सकता? जो भी इसकी परवाह नहीं करता वह निश्चित रूप से मृत्‍यु को प्राप्‍त होगा। यह इस कारण है क्‍योंकि जो परवाह नहीं करते वे ऐसे लोग हैं जो मेरा निरादर करते हैं, मुझे नहीं जानते, और वे सर्वाधिक बर्बर प्रधान दूत हैं। अपने आप को जांचो—जो भी बर्बर, दंभी, अभिमानी और ख़ुदपसंद है, वह निश्चित रूप से मेरी घृणा का पात्र है और उसका विनाश होगा!

अब मैं अपने राज्‍य की प्रशासकीय आज्ञाओं की घोषणा करता हूं: सभी बातें मेरे न्‍याय के अंतर्गत हैं, सभी बातें मेरी धार्मिकता के अंतर्गत हैं, सभी बातें मेरे प्रताप के अंतर्गत हैं, और सभी के प्रति धार्मिकता अमल में लाई जाती है। जो यह कहते हैं कि वे मुझमें विश्‍वास रखते हैं परंतु अपने हृदयों में मेरे प्रतिकूल होते हैं, या जिनके हृदयों ने मेरा त्‍याग कर दिया है, वे निकाल बाहर किए जाएंगे, परंतु यह मेरे यथोचित समय पर होगा। जो मेरे विषय में व्‍यंग्‍यात्‍मक ढंग से बात करते हैं, परंतु इस तरह कि वह लोगों के ध्‍यान में न आए, वे तुरंत मृत्‍यु को प्राप्‍त होंगे (वे आत्‍मा, देह और जीवात्‍मा में मर जाएंगे)। ऐसे सभी जो मेरे प्रियजनों पर अत्‍याचार करते हैं अथवा उनसे रूखा व्यवहार करते हैं, मेरा कोप उनका तत्‍काल न्‍याय करेगा। अर्थात् जिनके हृदय मेरे प्रियजनों के प्रति ईर्ष्‍यालु हैं और जो यह सोचते हैं कि मैं धार्मिक नहीं हूं वे उन्‍हें दे दिए जाएंगे जिनका न्‍याय करना मुझे पसंद है। (उन्हें भी जिनमें बुद्धिमत्‍ता का अभाव है) ऐसे सभी जो सभ्‍य, सरल और सच्‍चे हैं और जो एकचित्‍त होकर मेरे प्रति खरे हैं, वे सभी मेरे राज्‍य में रहेंगे। जो प्रशिक्षण से नहीं गुज़रे, यानी ऐसे सच्‍चे लोग जिनमें बुद्धिमत्‍ता और गहरी समझ का अभाव है, वे मेरे राज्‍य में सामर्थ्‍य रखेंगे। मगर वे भी ऐसे व्‍यवहार और टूटन से गुज़रे हैं। वे प्रशिक्षण से नहीं गुज़रे, यह परम तथ्‍य नहीं है, बल्कि इन बातों से मैं सभी को अपनी सर्वशक्तिमत्‍ता और अपनी बुद्धिमत्‍ता दिखाऊंगा। उन सभी को जो मुझ पर संदेह करते हैं, मैं निकाल बाहर करूंगा, मैं उनमें से किसी एक को भी नहीं चाहता ( जो ऐसे समय में भी मुझ पर संदेह करते हैं उनसे मैं घृणा करता हूं)। संपूर्ण कायनात में जो कृत्‍य मैं करता हूं, मैं सच्‍चे लोगों को अपने कार्य की अद्भुतता प्रदर्शित करूंगा, इस प्रकार उनकी बुद्धिमत्‍ता, गहरी समझ और उत्‍तम बुद्धि विकसित करूंगा और अपने अद्भुत कर्मों के द्वारा मैं छली लोगों को एक ही पल में विनष्‍ट कर दूंगा। सभी पहिलौठे पुत्र जिन्‍हें मेरा नाम पहले स्‍वीकार करना था (यानी वे पवित्र और निष्‍कलंक, सच्‍चे लोग) वे ही सर्वप्रथम राज्‍य में प्रवेश करेंगे और मेरे साथ सभी राष्‍ट्रों और लोगों पर शासन करेंगे, राजाओं के रूप में राज्‍य में शासन करेंगे साथ मिलकर सभी राष्‍ट्रों और सभी लोगों का न्‍याय करेंगे (मतलब राज्‍य के सभी प‍हिलौठे पुत्र, और कोई नहीं)। सभी राष्‍ट्र और सभी लोग के मध्य जिनका न्‍याय हो चुका है और जो पश्‍चाताप कर चुके हैं वे मेरे राज्‍य में प्रवेश करेंगे और मेरे लोग बन जाएंगे, और जो हठीले तथा जिन्‍हें पछतावा नहीं है, वे अथाह कुण्‍ड में फेंक दिए जाएंगे (चिरकाल के लिए विनष्‍ट होने हेतु)। राज्‍य का न्‍याय अंतिम बार होगा और यह दुनिया का मेरी ओर से पूर्ण शुद्धिकरण होगा। उसके पश्‍चात कोई भी अन्‍याय, कोई भी व्‍यथा, कोई भी अश्रु, कोई भी आहें और नहीं रहेंगी और इसके अतिरिक्‍त कोई दुनिया भी न रहेगी। सभी मसीह के प्रत्‍यक्षीकरण होंगे, सभी मसीह का राज्‍य होंगे। ऐसी महिमा होगी! ऐसी महिमा होगी!

वचन देह में प्रकट होता है

ठोस रंग

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

स्क्रॉल की दिशा

अध्याय 79

गति

अध्याय 79